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पागलपन हो तो ऐसा : madness like this

इस मोटीवेशनल कहानी में कही हुई बातों को अगर आप अपनी लाइफ में इम्प्लीमेंट(अमल ) कर लेना तो लाइफ बदल जाएगी  । इस कहानी को पूरा पढ़ना क्योंकि यह कहानी मेरी लाइफ की सबसे बेस्ट कहानी है । दोस्तों अपने काम को करने के लिए पागलपन एक ऐसी बीमारी है जो अगर किसी को लग गई तो यह उस आदमी को कामयाब बनाकर ही छोड़गी  । अगर दिल में आग और दिमाग जिद हो ।

एक आम किसान का बेटा भी इंडिया के सबसे बड़े ऑर्गेनाइजेशन इसरो का चीफ बन सकता है और चंद्रयान जैसे बड़े मिशन को अंजाम दे सकता । जहां लोगों को सुबह आलार्म उठाता है वहां लोगों को उनके सपने उठाते हैं ।

ये वो भुवन । जब इसने यूट्यूब चैनल स्टार्ट किया था । इसके दोस्तों ने इसका भरपूर मजाक उड़ाया । उसके पापा ने तो इसको यहां तक भी कह दिया था । इन  सब चीजों में कुछ नहीं रखा है । बैंक पीओ की नौकरी कर और खुश रहो । मगर दिमाग जिद और पागलपन तो देखो आज पूरी दुनिया इनको जानती है और इंडिया के नंबर वन यूटुबेरस में गिने जाते हैं । इसे कहते है  जिद और पागलपन ।

अपने काम के लिए पागलपन बंदे को जीरो से हीरो बना देती ।

एक आम किसान की एक बेटी विश्व रनिंग  चैंपियनशिप (World Athletics Championships ) में कई वर्ल्ड रिकॉर्ड बना दिया । इसलिए जो  भी काम करना है । उसके लिए एक आग और पागलपन चाहिए जोकि आपको सक्सेसफुल बना सके । जो काम जो मैं करूंगा । मुझसे बेहतर  इस काम को कोई और कर ही न पाए । दोस्तों के क्रिकेट तो बहुत लोग खेलते हैं पर हर कोई रोज रोहित  शर्मा या विराट कोहली नहीं बन सकता। दौड़ते तो सभी  है । मगर हर कोई Usain Bolt (उसैन बोल्ट) नहीं बन सकता ।

ये  सब इतना बड़ा कुछ कर पाए क्योंकि उनके अंदर वह जिद और पागलपन था जो कि आपके अंदर नहीं है जो कि आपको वह जीत और पागलपन अपने अंदर में लाना है ।

बुरा समय तो सबके जीवन में आता है । पर कोई पागल ही होता है उस दुख को अपना मोटिवेशन बना लेता है । मैं बात कर रहा हूं दशरथ मांझी । जब उनकी पत्नी उनके लिए खाना लेकर जा रही थी इस पहाड़ से पांव फिसलने के कारण गिर पड़ी । माथे पर बहुत चोट आई हॉस्पिटल दूर था क्योंकि पहाड़ को घुम कर जाना था। हॉस्पिटल जाते जाते उनकी पत्नी की मौत हो गई । इस दुख को वह बर्दास्त नहीं कर पाए । किंतु इस दुःख  को ही अपना मोटिवेशन बना लिया । 22 साल में एक छेनी और हथौड़े से एक पहाड़ को काटकर रास्ता बना दिया ।इसी कहते है ज़िद और पागलपन आज पूरी दुनिया उन्हें माउंटेन मैन के नाम से जानती है ।

एक जिद और पागल बनी है । किसी इंसान को इतिहास रचने के लिए मजबूत  बनती है । तो सोचता तो हर कोई है पर उसके लिए ऐक्शन कोई पागल ही लेता । इसके लिए हमेशा कहता हूं वह पागलपन लो  दुनिया तुम्हारे सामने झुके ।

एक बंदा था अब मंडियों में अजब फ्लेवर्स पीकर काम करता था । उसकी आवाज भारी होने के कारण उसे कुछ हज़म रेडियो से निकाल दिया गया । उसने हार नहीं मानी । ऐक्टिंग में  प्रयाश  किया । वहां भी उसका करियर नहीं बन पाया । बहुत रिजेक्शन झेलना पड़ा । फाइट बहुत ज्यादा थी । चेहरा काला था । इस कारण से बहुत रिजेक्शन झेलना पड़ा मगर उसने हार नहीं मानी । अंततः कोशिश करता गया और आज बॉलीवुड का सुपरस्टार बन गया । मैं बात कर रहा हूं अमिताभ बच्चन

यह कहानी है अलीबाबा के फाउंडर जैक मा की । इस बंदे को जॉब में कई रिजेक्शन मिले । ग्रैजुएशन के फाइनल एग्जाम में कई बार फेल हुआ वेटर्स की जॉब तक नसीब नहीं हुई वेट्रेस के जॉब के लिए भी आरक्षण मिला । लेकिन कई फेलियर को नजरअंदाज करके अलीबाबा की शुरुआत की और आज पूरी दुनिया के 18वें सबसे अमीर आदमी है ।

इन कामों को वही कर सकता है जिसके पास पागलपन और जिद हो और सनक हो ।

दोस्तों इतिहास रचना है तो पागलपन लाना ही होगा । ऐसा ही पागलपन रजनीकांत में जी से साउथ का बादशाह मानते हैं । ऐसा ही पागलपन Michael Phelps (माइकल फ़ेल्प्स)  में था । एक ही ओलंपिक्स में आठ गोल्ड मेडल्स, इम्पॉसिबल को पॉसिबल कर दिया ।

यदि दोस्तो आपको भी अपनी लाइफ में इम्पॉसिबल को पॉसिबल करना है तो वह पागलपन व जिद वो सनक लाना होगा अपने अंदर । कभी अपने लाइफ में सक्सेसफुल हो सकते हो ।

दोस्तों  आप  को इसमें से  कौन  पसंद  है  कॉमेट करके  हमें  बातएं ।

आपका बहुत बहुत धन्यवाद

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