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एक हथियार जीवन का: “अकेलापन”-Motivational Story in Hindi

एक हथियार जीवन का: "अकेलापन"-Motivational Story in Hindi
Written by Pooja

एक हथियार जीवन का: “अकेलापन”-Motivational Story in Hindi

एक गांव था। वहां एक लड़का रहता था उसका नाम श्याम था। श्याम एक गरीब परिवार से था। बचपन उसका खेलते कूदते बीत गया। श्याम जब थोड़ा बड़ा हुआ तो हवाई स्कूल जाने लगा। पढ़ने में श्याम अच्छा था सरकारी स्कूल में जितना वह पढ़ सकता था वह पढ़ चुका था।
श्याम अब शहर जाना चाहता था, पढ़ाई के लिए श्याम ने अपने पिता से कहा, मैं शहर जाना चाहता हूं पिताजी पढ़ लिख कर एक बड़ा इंसान बनना चाहता हूं। आपका, माँ  का नाम रोशन करना चाहता हूं। पिताजी ने कहा, देखो बेटा हमारी गरीबी इतनी है कि हम तुम्हें शहर नहीं भेज सकते, लेकिन तुम्हारा सपना है तो हम उस सपने को टूटने नहीं देंगे। एक काम करो हम लोग अपनी जमीन भी गिरवी रख देते हैं, पढ़कर उधार के पैसे वापस लौटा लेना और वह वापस जमीन ले लेना। श्याम इस बात से मान गया। जमीन गिरवी रखकर जो पैसे मिले श्याम उस पैसे को लेकर शहर चला गया। अगली सुबह एक बड़े से कॉलेज में एडमिशन लिया।
2 दिन के बाद उसे क्लास ज्वाइन करना था, दूसरे दिन सुबह उठ कर फ्रेश होकर, एक पुराना शर्ट और जींस पहन कर कॉलेज की ओर चल पड़ा। सभी बच्चे क्लास में आए टीचर आए, श्याम आखरी शीट में बैठा हुआ था। वह बाकी बच्चों को देखकर दंग रह गया सब लोग अच्छे कपड़े पहने हुए थे, उनका रहन-सहन श्याम से बिल्कुल अलग था। श्याम यह सब देख कर उदास हो गया। टीचर ने कहा सब अपना अपना परिचय दो, जब श्याम की बारी थी बोलने की, तो टीचर ने कहा तुम कहां से आए हो किस तरह के कपड़े पहने हो, तब सब उस पर हंसने लगे, सब श्याम का मजाक उड़ाने लगे गांव का है गवार है, यह सब सुनकर श्याम डर सा गया था।
उस दिन शुरुआत हुई अकेलेपन की, श्याम अपने कमरे में जाकर रोने लगा, उसे खुद के हालातों से नफरत होने लगी। श्याम अपनी गरीबी से नफरत करने लगा, पर करता तो क्या करता उधार के लिए गए पैसों से अपने शौक को पूरा तो नहीं कर सकता था। श्याम रोज क्लास जाता वहां लोग उसका मजाक बनाते चिढ़ाते, अकेले 1 सीट में बैठकर श्याम मन ही मन रोता रहता, कोई भी उसका दोस्त नहीं था। इतने बड़े शहर में श्याम एकदम अकेले था, पूरा दिन रूम पर पढ़ता, कॉलेज में पढ़ता और सिर्फ पढ़ता ही रहता है।
श्याम अकेले हो जाने की वजह से घुट रहा था, माता-पिता से रोज बात नहीं कर सकता था, उस समय फोन नहीं हुआ करते थे।
कुछ साल के बाद उसी कॉलेज में एक स्टूडेंट को बुलाया गया, जो एक बहुत ही बड़े से कंपनी का सीईओ था. उसकी साल की इनकम 50 करोड़ से ज्यादा थी। उसे एक मोटिवेशनल स्पीच के लिए बुलाया गया था। उसका स्वागत करते हुए टीचर ने कहा स्वागत, करिए हमारे होनहार लड़के का जिसका नाम श्याम है।
श्याम बड़े गर्व से चलकर स्टेज पर आया, उसने स्पीच के पहले कहां की मैं यह नहीं बताऊंगा क्या पढ़ना है कैसे पहना है, बल्कि आज मैं आप लोगों को बताऊंगा कि आप मानसिक रूप से कैसे मजबूत हो सकते हैं, और अपने जीवन में सफल हो सकते हैं। श्याम ने अपने बीते हुए पलों को बताया, श्याम ने कहा मैं तब अकेले हो गया जब मेरा अंदर का दोस्त ने साथ छोड़ दिया, अगर आपके अंदर का दोस्त आपके साथ है, तो आप कभी भी अकेले नहीं हो सकते। श्याम ने आगे कहा, मेरी जिंदगी तब बदल गई, जब मैं एक मंदिर में बैठ कर रो रहा था, तब एक बूढ़े व्यक्ति मेरे पास आए और उन्होंने कहा बेटा क्यों रो रहे हो, मैंने उन्हें बताया तब वहां बोले, अरे बेटा सबसे बड़ी ताकत मिली है तुमको, मैंने कहा कुछ समझा नहीं मैं।
तभी वह बोले बेटा वह देखो वहां 5 लोग बैठ कर पढ़ रहे हैं, उनको गौर से देखो पढ़ कम और मस्ती ज्यादा कर रही हैं, पर वही तुम अकेले बैठकर पढ़ रहे हो तो तुम्हारी क्षमता उनसे कई ज्यादा है। तुम्हारा ध्यान उनसे ज्यादा मजबूत है। हर कोई अकेले नहीं रह सकता, यह एक ऐसी शक्ति है जिसका उपयोग करके आप महान व्यक्ति बन सकते हैं। तुम्हें तुम्हारे हालातों ने दिया है अकेलापन, उसका फायदा उठाओ रो मत,
यह एक हथियार है जिसके प्रयोग से तुम अपने सपनों को अपना बना सकते हो. यह कठिन है, मैं मानता हूं पर यही है, जो तुम्हें भटकने से रोक पाएगा, हम पूरी जिंदगी ना जाने कितनों के साथ रहे हैं, और सुकून इसी उम्र में मिल रहा है। जब हम अकेले होते हैं, हम खुद को जान पाते हैं, अपनी शक्तियों को पहचान पाते हैं, इसलिए तुम अपने लक्ष्य की ओर मेहनत करते रहो। समय ने तुम्हें अकेला किया है, तो वह कल तुमको करोड़ों लोगों के बीच में खड़ा करेगा, और वह करोड़ों लोग सिर्फ तुम्हें देखने के लिए वहां खड़े होंगे।
श्याम ने कहा धन्यवाद! मुझे और मजबूत बनाने के लिए। श्याम ने कहा बच्चों आज मैं हजारों लोगों से मिलता हूं, फिर भी सुकून नहीं मिलता जो अकेलेपन में मिलता था। इसलिए दोस्त बनाओ या ना बनाओ, पर अकेले रहना सीख लो, यकीन मानो वही असली खुशी है। तो दोस्त जो भी अपने जीवन में अकेले हैं, यकीन मानो आपके पास जीवन का सबसे बड़ा हथियार है, इसका इस्तेमाल करके अपने सपनों को अपना बना लो।
अकेलापन एक हथियार है जीवन का. अगर आप इससे चाहो तो अपनी जिंदगी के सपनों को पूरा करके अपनी जिंदगी बेहतर बना लो, या फिर अकेलेपन में घुट घुट कर बर्बाद हो जाओ, और दुनिया में उपहास का पात्र बन जाओ।
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