Stories Hindi Kahaniya Inspirational Story in Hindi Moral Stories in Hindi Motivational Story in Hindi

🔥 Motivational Story in Hindi – Overthinking

Motivational Story in Hindi - Overthinking
Written by Saurabh Yadav

यह (Motivational Story in Hindi )कहानी है एक व्यक्ति की जो किसी भी लॉक को खोल सकता था। चाहे वो तिजोरी का लॉक हो , जेल का लॉक हो या घर का लॉक हो कितनी भी हाई सिक्योरिटी का लॉक होता वे खोल लेता था । लोग हैरान हो जाते थे की ऐसा कैसे कर सकता है । तो एक दिन एक इवेंट रखा गया एक चैलेंज रखा गया कि वो व्यक्ति एक चैम्बर का लॉक खोलेगा और उससे बाहार आ जयगा उसको चैम्बर के आंदर बंद किया किया जायगा और उस चैम्बर को लॉक करके स्वीमिंग पूल में डाल देगा पानी से भरा होगा ।

अगर लॉक खोल पाया तो बाहर आ जाएगा । वो अपनी हार स्वीकार भी कर सकता । एक एमरजेंसी बेल बजा कर अपनी हार एक्‍सेप्‍ट कर सकते है कि मैं लॉक नहीं खोल सकता । उस व्यक्ति ने चैलेंज स्वीकार कर लिया । उसे पूरा विश्वास था कि वो ऐसा कर देगा । बहुत लोग अपने कैमरा साथ मे लेकर अए शूट करने के लिए व्यक्ति को चैम्बर के अंदर डाला गया गेट बंद करके धीरे धीरे पानी मे उतार गया और खेल शुरू कर दिया गया । लोग देख रहे सब एक्साइटेड है की वे। किस तरह से लॉक खोल के बहार आ जाएगा ।

ये भी पढ़ें:-एक शेर और तीन गाय की : Best Motivational Story in Hindi

उस व्यक्ति ने अपने जेब में से एक तार निकाला और लॉक को खोलन स्टर्ट किया और सेकेंड्स चलते जा रहे थे । एक एक सेकेंड उस व्यक्ति के लिए बहुत टफ था क्योंकि सांस रोकना बहुत मुश्किल हो रही थी । लोग लोग देखा रहे थे की कुछ ही सेकंड में हर बार लॉक खोल लेता है तो इस बार इतना टाइम क्यों ले रहे सेकेंड्स जैसे बढ़ते गए । उस व्यक्ति का दम घुटने लगा । उसको बहुत परेशानीहो रही उस लॉक को खोलने में उस व्यक्ति ने अपना सारा जोर लगा दिया । अपनी पूरी टेक्स लगा दी अपना पूरा दिमाग लगा दिया वह लॉक खोल नहीं पा रहा था । फाइनली उसको हार मानना ठीक लगा ।

ये भी पढ़ें:- Motivational Story in Hindi – जितने अच्छे विचार होंगे, जीत उतनी ही शानदार होगी

उसने एमरजेंसी रिंग बजा दी कि मैं हार मान रहा हू मैंने नहीं खोल सकता फिर जैसे ही उसने एमरजेंसी रिंग बजी चैम्बर धीरे धीरे।ऊपर आने लगा वो व्यक्ति हार चुका था तो उसको बहुत हारा हुआ फील हो रहा था होता । उसको शरम आ रही थी इसलिए वो ऊपर नहीं देख पा रहा था । वह चैम्बर में नीचे बैठ रहा है । चैम्बर के गेट को पकड़कर जैसे ही वो बैठने की कोशिश करता है कि चेम्बर गेट खुल जाता है जैसे वह धाका लगाता है साइड की तरफ और उसे पता लगता है कि गेट लॉक था ही नहीं । उसने सोचा कि ये मेरे दिमाग में पहले क्यों नहीं आया तो शायद गेट लोग भी न किया गया होगा । जब वो इतने ट्रिक्स लगाने के बाद में लॉक को नहीं खोल पा रहा था उसके दिमाग में एक बार भी ऐसा क्यों नहीं आया कि शायद हो सकता है कि लॉक किया ही न गया ।हो जब सोल्यूशन बहुत आसान होता है तो आप कितने ही टैलेंटेड क्यों न हो । आपका टैलेंट कभी काम नहीं आएगा । अगर आपको ठहर कर सोचना नहीं आता । कई बार कुछ नहीं करना सलूशन होता है ।

ये भी पढ़ें: Teacher और Student की – Heart Touching Motivational Story Hindi

कई बार बस यह देख लेना सलूशन होता है कि वाकई में प्रॉब्लम्स हैबिट नहीं है । हम आस पास के लोगों से हर बार ये सुनते हैं । बुक्स में पढ़ते हैं विडियोज़ में देखते हैं कि बीजी रहो हमेशा बीजी रहो बिजी लोग वाली होती है । एक ये ट्रेंड सा चल गया कि बिजी लोग बड़े लोग होते हैं । बिजी रहना आछा है ये तेरा सें स्वाग वाले लोग हैं लेकिन सन टाइम्स इट्स ओके टू डू नथिंग कुछ भी नहीं करना केवल सही नहीं होता है क्योंकि जब कुछ नहीं कर रहे होते थे तब ऐसे आइडियाज आते हैं जो बिजी होते वक्त नहीं आ सकते ।

ये बहुत कम लोग इस बात को समझ पाएंगे । इसी वजह से बहुत स्टार्टअप्स जितने स्टार्ट हुए हैं वो 20 साल की एज के आस पास के लोगों ने किए हैं क्योंकि ये सबसे फ्रीडम वाली उम्र होती है वो व्यक्ति चैम्बर के लॉक को खोलने में लोगों को इम्प्रेस करने में खुद को अच्छा साबित करने में कैसे लोका गा इस समय बहुत बिजी हो गया था जिसकी वजह से उसके दिमाग में एक पल के लिए भी यही आया कि ऐसा भी हो सकता है कि शायद लॉक हो भी ना ।

इसी तरह से हम अपनी जिंदगी जी रहे हैं तभी सल्यूशन नहीं मिल रहे क्योंकि हम ठहर के नहीं सोचते । हम कुछ नहीं करने वाले जोन में कभी नहीं आते हैं कि इस बार कुछ न किया जाए केवल ठहर के सोचा जाए । हम हमेशा अपने आपको बिजी रहना चाहते हैं लेकिन सच तो ये है कि जो लोग कुछ नहीं करते वो कमाल करते हैं ।

दोस्तों  इस कहानी ने आपके दिल को छुआ हो या आप को मोटीवेट किया हो तो  इस मोटिवेशनल स्टोरी  को शेयर जरूर करें ।

धन्यवाद!

इसी तरह की Motivational Story in Hindi  में पढनें के लिए  : – Motivational Story in Hindi

 

About the author

Saurabh Yadav

Leave a Comment

Enable Notifications.    Ok No thanks